RBI's new data पीएम मोदी ने ओडिशा के जटनी में किया उद्घाटन, साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग और आधुनिक तकनीक पर होगा फोकस
नई दिल्ली। देश में डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को ओडिशा के जटनी में RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का उद्घाटन किया। करीब 169 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परिसर देश के डिजिटल वित्तीय ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
18.55 एकड़ में बना आधुनिक परिसर
भुवनेश्वर के पास इन्फोवैली-II में स्थित यह परिसर 18.55 एकड़ में फैला है। इसमें चार आधुनिक डेटा सेंटर बनाए गए हैं, जो RBI के महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम और भुगतान एवं निपटान से जुड़े कार्यों को तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। इससे केंद्रीय बैंक की डेटा प्रबंधन क्षमता और महत्वपूर्ण सेवाओं को लगातार चालू रखने की तैयारी को मजबूती मिलेगी।
डिजिटल पेमेंट और बैंकिंग को क्या होगा फायदा?
ऑनलाइन बैंकिंग, UPI और डिजिटल लेनदेन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डेटा सेंटर की भूमिका महत्वपूर्ण है। नई सुविधा से तकनीकी गड़बड़ी या आपात स्थिति में जरूरी डिजिटल सेवाओं को जारी रखने और सिस्टम को दोबारा सुचारु करने की क्षमता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इससे साइबर हमलों और तकनीकी खराबियों का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होगा।
साइबर सुरक्षा और AI पर होगी ट्रेनिंग
नए परिसर को Uptime Institute का Tier IV सर्टिफिकेशन मिला है, जो डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे की उच्च स्तर की उपलब्धता और मजबूती से संबंधित है। इसके साथ स्थापित साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के विशेषज्ञों को साइबर सुरक्षा, एंटरप्राइज कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण और शोध के अवसर मिलेंगे।
RBI का नवी मुंबई में पहले से डेटा सेंटर मौजूद है। जटनी की नई सुविधा केंद्रीय बैंक की तकनीकी क्षमता बढ़ाने के साथ देश की डिजिटल भुगतान व्यवस्था की निरंतरता, सुरक्षा और विश्वसनीयता मजबूत करने में योगदान दे सकती है।








