360 नए धान खरीदी केंद्र खुलेंगे, 15 नवंबर से शुरू होगी खरीदी
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 12,800 करोड़ रुपये के प्रावधान से खेती को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर, 27 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। खेती-किसानी छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का आधार है। किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने, खेती की लागत कम करने और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती पर आयोजित ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से आए प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया और कृषि क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
15 नवंबर से धान खरीदी, 360 नए केंद्र खुलेंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होगी। किसानों की सुविधा के लिए इस वर्ष 360 नए धान खरीदी केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और खरीदी केंद्रों पर दबाव भी कम होगा। सरकार द्वारा खरीदी प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
सिंचाई परियोजनाओं पर 12,800 करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। वहीं, 1,500 पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों से सिंचित रकबे में लगभग 76 हजार हेक्टेयर की वृद्धि होने की उम्मीद है। इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव परियोजनाओं सहित कई योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड और शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण जैसी सुविधाओं से किसानों को आर्थिक राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक, कृषि अनुसंधान, जैविक और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जनसेवा और सिंचाई विकास में योगदान को याद किया। वन मंत्री केदार कश्यप ने भी समारोह को संबोधित किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।








