हर महीने मिल रहे 1,000 रुपये से घरेलू जरूरतों के साथ बेटियों की शिक्षा और भविष्य को दे रहीं आर्थिक मजबूती
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ बेटियों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बन रही है। योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक आर्थिक सहायता से महिलाएं घरेलू खर्चों में सहयोग करने के साथ बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खाते में बचत भी कर रही हैं। इस तरह महतारी वंदन योजना बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूती दे रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करना तथा परिवार में उनकी निर्णय लेने की भूमिका को मजबूत करना है। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये यानी सालाना 12,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता पात्र महिलाएं भी इसका लाभ प्राप्त कर रही हैं।
बेटियों की शिक्षा के लिए कर रहीं नियमित बचत
दंतेवाड़ा जिले के बोडरी गांव की प्रमिला पोतामी के लिए बेटी की पढ़ाई के लिए बचत करना पहले आसान नहीं था। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उनकी इस चिंता को काफी हद तक कम किया है। वह राशि का एक हिस्सा बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हैं, ताकि भविष्य में उसकी उच्च शिक्षा और अन्य जरूरतों में यह बचत काम आ सके।
इसी तरह रायपुर जिले के रावेली गांव की मीना निषाद ने भी अपनी बेटी महिमा के नाम सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया है। वह हर महीने मिलने वाली सहायता राशि बेटी के खाते में जमा करती हैं। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के पर्री गांव की अंजू कुशवाहा भी योजना की राशि का कुछ हिस्सा बेटी के भविष्य के लिए बचा रही हैं। वहीं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के बघमरा गांव की दीपाली मरकाम बच्चों की स्कूली जरूरतों को पूरा करने के साथ बेटी के भविष्य के लिए बचत कर रही हैं।
67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पहुंची 632.40 करोड़ रुपये की राशिमहतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। 8 अक्टूबर 2026 को योजना की 32वीं किस्त के रूप में 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से 632.40 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की गई। योजना के प्रारंभ से अब तक 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार रायपुर जिले में 5 लाख 13 हजार 534, बिलासपुर में 4 लाख 11 हजार 310, दुर्ग में 3 लाख 89 हजार 507, बलौदाबाजार-भाटापारा में 3 लाख 19 हजार 815 और महासमुंद जिले में 3 लाख 12 हजार 162 हितग्राही इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री बोले- मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकतामुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और परिवार के भविष्य से जुड़े निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से माताओं-बहनों को आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुकन्या समृद्धि योजना से सुरक्षित होगा बेटियों का भविष्यबेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए बचत को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सुकन्या समृद्धि योजना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत अभिभावक अपनी बेटियों के नाम बचत खाता खोलकर भविष्य की जरूरतों के लिए धन जमा कर सकते हैं।








