शिक्षा को नौकरी नहीं, जिम्मेदारी मानते हैं प्राचार्य आनंद कुमार पांडेय; निरंतर अध्ययन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर

पंकज दुबे झूँसी, प्रयागराज। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थी के भविष्य को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षक का ज्ञान, अनुशासन, समर्पण और संवेदनशीलता विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षक दिवस के अवसर पर ऐसे ही शिक्षाविद् एवं प्राचार्य आनंद कुमार पांडेय की कार्ययात्रा उल्लेखनीय है, जो पिछले 12 वर्षों से अधिक समय से सेंट्रल एकेडमी, झूँसी की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

शिक्षा को अपने जीवन का कर्मक्षेत्र मानने वाले आनंद कुमार पांडेय का मानना है कि शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती। विद्यार्थियों को सही दिशा देना, उनकी जिज्ञासाओं को समझना, उनमें आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करना भी शिक्षक की जिम्मेदारी है।

पिता से मिले शिक्षा और अनुशासन के संस्कार प्रयागराज में निवास कर रहे आनंद कुमार पांडेय को शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा अपने पारिवारिक संस्कारों से मिली। उनके पिता भी केंद्रीय विद्यालय में अध्यापन कार्य से जुड़े रहे। पिता की कर्मनिष्ठा, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण का प्रभाव उनके व्यक्तित्व पर पड़ा। पिता के आदर्शों का अनुसरण करते हुए आनंद कुमार पांडेय ने भी अपने कर्मक्षेत्र में शिक्षा को प्राथमिकता दी और निरंतर अध्ययन एवं आत्मविकास को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाया।
उच्च शिक्षा के साथ स्वाध्याय पर जोर आनंद कुमार पांडेय ने हिंदी और विधि के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। औपचारिक शिक्षा पूरी होने के बाद भी उनका अध्ययन के प्रति लगाव कम नहीं हुआ। अवसर मिलने पर वे आज भी विभिन्न विषयों का अध्ययन करते हैं।

उनका मानना है कि एक शिक्षक के भीतर सीखने की ललक जीवनभर बनी रहनी चाहिए। उनके सहकर्मियों के अनुसार हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और कॉमर्स जैसे विषयों पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। विभिन्न विषयों का यह ज्ञान उन्होंने स्वाध्याय, अनुभव और निरंतर सीखने की आदत से अर्जित किया है। बदलते दौर की जरूरतों को देखते हुए उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में भी स्वयं को दक्ष बनाया है।
12 वर्षों से सेंट्रल एकेडमी झूँसी की जिम्मेदारी अपनी शैक्षणिक योग्यता, प्रशासनिक क्षमता और कार्यकुशलता के बल पर आनंद कुमार पांडेय ने शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। वे झूँसी, प्रयागराज स्थित प्रतिष्ठित सेंट्रल एकेडमी में 12 वर्षों से अधिक समय से प्राचार्य के रूप में कार्यरत हैं।
सेंट्रल एकेडमी संस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का अनुभव है। संस्थान का स्कूल नेटवर्क चार राज्यों में 68 शाखाओं तक विस्तारित है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास पर संस्थान का विशेष जोर रहा है।
झूँसी शाखा के विद्यार्थियों ने भी विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विद्यालय के अनेक विद्यार्थियों ने NEET, IIT, NDA, बैंकिंग, CLAT और प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न प्रतियोगी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की है। खेलकूद के क्षेत्र में भी छात्र-छात्राओं ने प्रान्तीय और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
कुशल प्रशासक के साथ संवेदनशील व्यक्तित्व

झूँसी निवासी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार मिश्र प्राचार्य आनंद कुमार पांडेय को कुशल प्रशासक, विद्वान और संवेदनशील व्यक्तित्व के रूप में देखते हैं।उनका कहना है कि आनंद कुमार पांडेय विद्यार्थियों और अभिभावकों से सहजता एवं सरलता के साथ संवाद करते हैं। उनकी समस्याओं को समझने और समाधान का प्रयास करने की उनकी कार्यशैली विद्यालय में सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आलोक कुमार मिश्र के अनुसार, प्राचार्य की प्रशासनिक दक्षता के साथ उनका सहज और मानवीय व्यवहार उन्हें अन्य शिक्षकों एवं प्रशासकों से अलग पहचान देता है।








