“रेस्टोरेंट्स की परेशानी को बनाया अवसर, और खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी”
Petpooja भारत की सबसे बड़ी रेस्टोरेंट मैनेजमेंट और POS (Point of Sale) सॉफ्टवेयर कंपनियों में से एक है। इसके संस्थापक हैं Parthiv Patel और Apurv Patel। आज Petpooja भारत के लाखों रेस्तरां व्यवसायों को डिजिटल रूप से संचालित करने में मदद कर रही है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
पार्थिव पटेल गुजरात के अहमदाबाद से हैं। उन्होंने प्रबंधन और तकनीक दोनों क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त की। करियर की शुरुआत उन्होंने आईटी और निवेश क्षेत्र में की। वे पहले Wipro में सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर रहे और बाद में निवेश कंपनी GVFL में कार्य किया। इससे उन्हें व्यवसाय, तकनीक और वित्त की गहरी समझ मिली।
दूसरी ओर, अपूर्व पटेल भी तकनीकी क्षेत्र में काम कर रहे थे। दोनों मित्रों की रुचि उद्यमिता और खाद्य उद्योग में थी। यही रुचि आगे चलकर एक बड़े स्टार्टअप की नींव बनी।
Petpooja की शुरुआत कैसे हुई?

साल 2011 में पार्थिव और अपूर्व ने एक अनोखा विचार लेकर काम शुरू किया। शुरुआत में Petpooja कोई सॉफ्टवेयर कंपनी नहीं थी। यह कॉर्पोरेट कंपनियों और रेस्टोरेंट्स के बीच भोजन डिलीवरी का प्लेटफॉर्म था। दोनों संस्थापक बड़े ऑर्डर लेकर उन्हें विभिन्न रेस्टोरेंट्स से पूरा करवाते थे। मात्र दो वर्षों में उन्होंने अहमदाबाद की 200 से अधिक कंपनियों और 300 से अधिक रेस्टोरेंट्स के साथ काम करना शुरू कर दिया।
लेकिन इस व्यवसाय में एक बड़ी समस्या थी। हर ऑर्डर को मैन्युअली संभालना पड़ता था, बिलिंग करनी पड़ती थी, डिलीवरी ट्रैक करनी पड़ती थी और लगातार फॉलोअप करना पड़ता था। इससे संस्थापकों को एहसास हुआ कि भारत के अधिकांश छोटे और मध्यम रेस्टोरेंट आज भी पुराने और अव्यवस्थित तरीकों से काम कर रहे हैं।
संघर्ष का दौर
2014 में उन्होंने अपने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह बदलने का फैसला किया। यह निर्णय आसान नहीं था। जिस व्यवसाय से आय आ रही थी, उसे छोड़कर एक नए तकनीकी उत्पाद पर काम करना जोखिम भरा था।

दोनों ने दोस्तों और परिवार से शुरुआती निवेश जुटाया। एक छोटे से कमरे में कार्यालय शुरू किया गया। सीमित संसाधन, छोटी टीम और बड़े सपनों के साथ उन्होंने रेस्टोरेंट्स के लिए POS सॉफ्टवेयर विकसित करना शुरू किया।
शुरुआती दिनों में कई रेस्टोरेंट मालिक तकनीक अपनाने को तैयार नहीं थे। उन्हें लगता था कि कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर पर खर्च करना बेकार है। ऐसे में पार्थिव और उनकी टीम को लगातार ग्राहकों को समझाना पड़ता था। कई बार महीनों की मेहनत के बाद भी ग्राहक नहीं मिलते थे।
इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनका विश्वास था कि भविष्य डिजिटल होगा और रेस्टोरेंट उद्योग को तकनीक की जरूरत पड़ेगी।
सफलता की शुरुआत
धीरे-धीरे रेस्टोरेंट मालिकों ने Petpooja के सॉफ्टवेयर के फायदे समझने शुरू किए। बिलिंग, इन्वेंटरी मैनेजमेंट, स्टाफ मैनेजमेंट, ऑनलाइन ऑर्डर और अकाउंटिंग जैसे कार्य आसान होने लगे।
कंपनी का ग्राहक आधार तेजी से बढ़ने लगा। Petpooja ने लगातार नए फीचर्स जोड़े और अपने उत्पाद को बेहतर बनाया। देखते ही देखते यह भारत के सबसे लोकप्रिय रेस्टोरेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म में शामिल हो गई।
आज Petpooja हजारों शहरों में काम कर रही है और लाखों रेस्टोरेंट संचालन में मदद कर रही है। कंपनी में 1,500 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं।

फंडिंग और बड़ी उपलब्धियां
- 2021 में कंपनी ने लगभग 4.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग प्राप्त की। इसके बाद कंपनी का विस्तार और तेज हुआ।
- 2025 में Petpooja ने Series-C फंडिंग राउंड में लगभग ₹137 करोड़ जुटाए। इस फंडिंग के बाद कंपनी का मूल्यांकन लगभग ₹910 करोड़ (लगभग 103 मिलियन डॉलर) तक पहुंच गया।
- यह उपलब्धि किसी भी भारतीय SaaS (Software as a Service) स्टार्टअप के लिए बड़ी सफलता मानी जाती है।
पार्थिव पटेल की नेतृत्व शैली
पार्थिव पटेल का मानना है कि किसी भी व्यवसाय की सफलता ग्राहक की समस्या को समझने में छिपी होती है। उन्होंने केवल सॉफ्टवेयर बेचने पर ध्यान नहीं दिया बल्कि रेस्टोरेंट मालिकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया। उनकी नेतृत्व शैली का परिणाम है कि Petpooja आज भारत के रेस्टोरेंट टेक्नोलॉजी सेक्टर की अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती है।
नेटवर्थ (Net Worth)
पार्थिव पटेल की व्यक्तिगत नेटवर्थ सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की गई है। इसलिए सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। हालांकि Petpooja का 2025 में मूल्यांकन लगभग ₹910 करोड़ बताया गया था। कंपनी में उनकी हिस्सेदारी को देखते हुए उद्योग विशेषज्ञों का अनुमान है कि उनकी व्यक्तिगत संपत्ति कई सौ करोड़ रुपये के स्तर तक हो सकती है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

प्रेरणा
पार्थिव पटेल और अपूर्व पटेल की कहानी हमें सिखाती है कि:
- समस्याओं में अवसर खोजो।
- असफलताओं से घबराओ मत।
- सही समय पर बदलाव करने का साहस रखो।
- छोटे स्तर से शुरुआत करके भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
- तकनीक और नवाचार किसी भी उद्योग को बदल सकते हैं।
एक छोटे कमरे से शुरू हुआ Petpooja आज भारत के सबसे सफल रेस्टोरेंट टेक स्टार्टअप्स में से एक है। यह सफलता रातोंरात नहीं मिली, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष, धैर्य और दूरदर्शिता का परिणाम है। पार्थिव पटेल की यात्रा उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो अपना स्टार्टअप शुरू करने का सपना देखते हैं।







