–अंबिकापुर में स्वदेशी जागरण मंच व स्वावलंबी भारत अभियान के प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला का भव्य शुभारंभ
भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वदेशी चिंतन और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है :जगदीश पटेल
-स्थानीय उत्पादन, नवाचार और कौशल विकास को प्राथमिकता देने की जरूरत: प्रो. अश्विनी
अंबिकापुर, सरगुजा। स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला का भव्य शुभारंभ आज अंबिकापुर में हुआ। इस अवसर पर प्रदेश के सभी संभागों से आए दायित्ववान कार्यकर्ता, केंद्रीय एवं क्षेत्रीय पदाधिकारी, प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता तथा विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता प्रो. अश्विनी महाजन ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, भारत की संभावनाओं तथा स्वदेशी आधारित विकास मॉडल पर विस्तार से विचार रखे।

आयोजन में यह गणमान्य रहे मंचासीन
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के तेलचित्र पर पुष्पांजलि, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन सत्र में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल, प्रख्यात अर्थशास्त्री एवं स्वदेशी चिंतक प्रो. अश्विनी महाजन, विधायक प्रबोध मिंज, स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय संयोजक सुधीर दाते तथा प्रांत संयोजक एवं स्वावलंबी भारत अभियान के समन्वयक जगदीश पटेल सहित अनेक गणमान्यजन मंचासीन रहे।

अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार की चर्चा
कार्यक्रम के प्रारंभ में जगदीश पटेल ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वदेशी चिंतन और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने स्वावलंबी भारत अभियान के उद्देश्यों एवं आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
स्वदेशी केवल आर्थिक अवधारणा नहीं
इसके पश्चात क्षेत्रीय संयोजक सुधीर दाते ने स्वदेशी जागरण मंच की स्थापना, कार्यपद्धति, वैचारिक आधार तथा संगठन द्वारा देशभर में चलाए जा रहे जनजागरण अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी केवल आर्थिक अवधारणा नहीं, बल्कि भारत के सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम है।
रोजगार सृजन में स्वदेशी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मंत्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे आत्मनिर्भर भारत, ‘वोकल फॉर लोकल और स्वदेशी उत्पादों के प्रोत्साहन अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उद्योगों और उत्पादों को बढ़ावा देकर ही भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूत भूमिका निभा सकता है। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन में स्वदेशी की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
भारतीय उद्योगों को किया प्रोत्साहित करने का आह्वान
मुख्य वक्ता प्रो. अश्विनी महाजन ने उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति, विशाल बाजार और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत देश को तीव्र गति से विकास की ओर ले जा सकती है, बशर्ते स्थानीय उत्पादन, नवाचार और कौशल विकास को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने विदेशी निर्भरता कम करने तथा भारतीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने, स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। यह प्रांतीय विचार वर्ग एवं कार्यशाला आगामी सत्रों में स्वदेशी अर्थनीति, रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास, स्थानीय उत्पादन, शिक्षा, कृषि एवं सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर गहन चर्चा एवं प्रशिक्षण के साथ आगे बढ़ेगी।

‘स्वदेशी अपनाएं – स्वावलंबी भारत बनाएं के उद्घोष
‘स्वदेशी अपनाएं – स्वावलंबी भारत बनाएं के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का प्रथम दिवस उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर दिनेश पाटिल, सुब्रत चाकी, दिग्विजय भाकरे, उमेश पासवान, संजय चौवे, सुमन मुथा, शंकर त्रिपाठी, राजकिशोर चौधरी, उपेन्द्र यादव, किरण सिंह, ठाकुर राम राजवाड़े, योगेश विश्वकर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







