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कभी थामी थी बंदूक, अब चला रहे दुकान: मुख्यमंत्री ने सराहा बदलाव का सफर

सुशासन तिहार के तहत बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित कोण्डापल्ली गांव पहुंचे मुख्यमंत्री

बीजापुर, 2 जून। सुशासन तिहार के तहत बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित कोण्डापल्ली गांव पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक आत्मसमर्पित दंपत्ति की किराना दुकान पर रुककर उनके संघर्ष और बदलाव की कहानी को नई पहचान दी। मुख्यमंत्री ने दुकान से पानी की बोतल खरीदकर दंपत्ति का उत्साहवर्धन किया और उनके आत्मनिर्भर प्रयासों की सराहना की।

यह दुकान आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की है। दोनों कभी नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे, लेकिन हिंसा का रास्ता छोड़कर अक्टूबर 2025 में मुख्यधारा में लौट आए। पुनर्वास केंद्र में उन्हें शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।

महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत मिले एक लाख रुपये के ऋण से जयमोती ने कोण्डापल्ली में किराना दुकान शुरू की। आज यही दुकान उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत बन चुकी है।

मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान दंपत्ति ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान और नया जीवन दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा तामो और जयमोती की कहानी बदलते बस्तर की तस्वीर है। यह साबित करती है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति हिंसा का रास्ता छोड़कर सम्मानजनक जीवन अपना सकता है।

कोण्डापल्ली में मुख्यमंत्री का यह छोटा-सा पड़ाव पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की एक बड़ी मिसाल बन गया, जो बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलावों को दर्शाता है।

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